चंदे की राशि पर सियासत! आम जनमत पार्टी के करोड़ों के चंदे पर दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल, ED-IT जांच की मांग

भोपाल। आम जनमत पार्टी को मिले कथित करोड़ों रुपये के चुनावी चंदे को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पार्टी की आर्थिक गतिविधियों और चंदे के स्रोत पर गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय से जांच की मांग की है।

दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया कि वर्ष 2023-24 में आम जनमत पार्टी को बड़ी रकम चंदे के तौर पर मिली थी और उन्होंने पार्टी के बैंक खातों तथा वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कराने की मांग उठाई है।

दिग्विजय सिंह का सवाल है कि जिस पार्टी के बैंक खाते में करीब 620 करोड़ रुपये जमा होने की बात सामने आई थी, वह पार्टी वास्तव में कहां सक्रिय है और उसकी गतिविधियां क्या हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस राशि का स्रोत क्या है और पार्टी के बैंक खातों में होने वाले लेनदेन की जांच क्यों नहीं की जानी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह दावा भी किया कि पार्टी पहले बिहार में पंजीकृत या सक्रिय थी और अब गुजरात में सक्रिय बताई जा रही है। उन्होंने पार्टी के बैंक अकाउंट को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अकाउंट अभी भी चालू है और उसमें लगातार चंदा स्वीकार किया जा रहा है।

हालांकि, दिग्विजय सिंह की ओर से लगाए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। इसलिए 620 करोड़ रुपये के चंदे, पार्टी की गतिविधियों और उसके बैंक खातों से जुड़े दावों को फिलहाल उनके आरोप और सवाल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

दिग्विजय सिंह ने मांग की है कि चुनाव आयोग और केंद्रीय जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच करें और चंदे के स्रोत से लेकर बैंक खातों में हुए लेनदेन तक की पूरी जानकारी सामने लाई जाए।

अब सवाल यह है कि दिग्विजय सिंह के इन आरोपों पर आम जनमत पार्टी क्या जवाब देती है और क्या चुनाव आयोग, आयकर विभाग या ED इस मामले में कोई जांच शुरू करता है। फिलहाल उनके बयान के बाद मध्य प्रदेश की सियासत में चुनावी चंदे और राजनीतिक दलों की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है।

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