राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मध्यप्रदेश दौरा, कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट का लेंगी जायजा, ग्वालियर में 5 किलोमीटर तक नो फ्लाई जोन लागू

ग्वालियर। देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को मध्यप्रदेश के दौरे पर आ रही हैं। इस विशेष ट्रांजिट विजिट के दौरान वह ग्वालियर पहुंचेंगी और वहां से सीधे श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को लेकर ग्वालियर और श्योपुर दोनों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। एयरफोर्स स्टेशन से लेकर कूनो नेशनल पार्क तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोपहर करीब 2 बजकर 20 मिनट पर विशेष विमान से ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगी। यहां कुछ समय रुकने के बाद वह हेलीकॉप्टर से श्योपुर के लिए रवाना होंगी और दोपहर करीब 3 बजकर 15 मिनट पर कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगी। कूनो में राष्ट्रपति चीता प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा लेंगी और चीतों की सुरक्षा, मॉनिटरिंग तथा देखरेख से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करेंगी। माना जा रहा है कि यह दौरा देश के सबसे चर्चित वन्यजीव संरक्षण अभियानों में शामिल चीता प्रोजेक्ट के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए कूनो नेशनल पार्क के पीपलबावड़ी, अहेरा और टिकटोली प्रवेश द्वार 20 जून से 22 जून तक आम पर्यटकों के लिए बंद रखे गए हैं। इस दौरान पार्क में केवल अधिकृत अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी।

उधर ग्वालियर में भी सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा चुका है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई दौर की बैठकें कर सुरक्षा प्लान तैयार किया है। पूरे कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों ने हिस्सा लिया। करीब 1200 जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया है ताकि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की चूक न हो।

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए तैयार की गई वीआईपी सूची में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां करीब 55 लोगों के शामिल होने की संभावना थी, वहीं अब इस सूची को सीमित कर केवल 14 लोगों तक रखा गया है। इनमें राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, प्रदेश के तीन मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर और कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। स्थानीय स्तर के अधिकांश नेताओं को इस सूची से बाहर रखा गया है।

राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन और वीआईपी सर्किट हाउस मुरार के पांच किलोमीटर के दायरे को नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 20 जून दोपहर 2 बजे से 22 जून शाम 4 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून और किसी भी प्रकार की हवाई गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रपति की सुरक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है। कूनो नेशनल पार्क में होने वाला यह दौरा चीता प्रोजेक्ट की प्रगति और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

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