भोपाल। मध्यप्रदेश के धार जिले के गंधवानी क्षेत्र से एक बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। NEET परीक्षा और उससे जुड़े तनाव के बीच अवंतिका मौर्य नाम की छात्रा के असामयिक निधन की सूचना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
इस संवेदनशील मामले पर मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अवंतिका मौर्य के निधन को बेहद पीड़ादायक बताते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार की सहायता के लिए अपनी ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा भी की है।
उमंग सिंघार ने कहा कि हाल के वर्षों में परीक्षा व्यवस्था को लेकर जिस तरह के विवाद सामने आए हैं, उन्होंने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि परीक्षा संबंधी अनिश्चितता, कथित गड़बड़ियों और लगातार बढ़ते दबाव के कारण कई युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति केवल छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर निर्भर करता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद छात्रों के आत्मविश्वास को प्रभावित करता है। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि हमें यह समझने की जरूरत है कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य और उनका आत्मबल भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अवंतिका मौर्य के निधन की खबर ने पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना दिया है। इस घटना के बाद एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं के तनाव और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को देश के लिए आत्ममंथन का विषय बताते हुए छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

