भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन आज पूरे मध्य प्रदेश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना कर रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने संदेश में कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक है। यह पर्व भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं और पारिवारिक समरसता का संदेश देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से रक्षाबंधन के जरिए सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और मातृशक्ति के सम्मान का संकल्प लेने की अपील की।
राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सहयोग और सशक्तिकरण में सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनका संदेश है कि रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का पर्व नहीं, बल्कि समाज में आपसी सम्मान और सद्भाव को बढ़ाने का अवसर भी है।
वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और अटूट विश्वास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की गरिमामय परंपरा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बहनों की सुरक्षा और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लाड़ली बहना सहित कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के जरिए प्रदेश में महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और महिला सशक्तिकरण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
वहीं रक्षाबंधन पर राखी बांधने के शुभ मुहूर्त की बात करें तो श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह समाप्त हो रही है। राखी बांधने का मुख्य शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक बताया गया है। इसमें लाभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 10 मिनट तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 9 बजकर 10 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
अगर सुबह राखी बांधना संभव न हो, तो दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 2 बजे तक भी राखी बांधी जा सकती है।
यानी रक्षाबंधन का यह पर्व सिर्फ कलाई पर राखी बांधने तक सीमित नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश देने वाला पर्व भी है।

