विदिशा (शमशाबाद)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सरकारी राशन के गेहूं की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। सिरोंज मंडी में 580 बोरी सरकारी गेहूं जब्त होने के बाद अब शमशाबाद मंडी में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां करीब 600 बोरी सरकारी गेहूं से लदे एक ट्रक को मौके पर पकड़ा गया है। जब्त बोरियों पर भगवानपुर सहकारी समिति के टैग लगे मिले हैं।
एक ट्रक से दूसरे ट्रक में हो रही थी गेहूं की ‘पलटी’
जानकारी के मुताबिक शमशाबाद मंडी परिसर में उमेश ट्रेडिंग कंपनी के पास एक ट्रक से दूसरे ट्रक में सरकारी गेहूं की बोरियां पलटी की जा रही थीं। इसी दौरान प्रशासन को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद SDM अजय पाठक की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और गेहूं से भरे ट्रक को जब्त कर लिया।
2022-23 का सरकारी स्टॉक होने की पुष्टि
नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने जांच के बाद बताया कि जब्त किया गया गेहूं वर्ष 2022-23 के स्टॉक का है। बोरियों पर भगवानपुर सहकारी समिति की सरकारी पर्चियां और टैग भी लगे हुए मिले हैं। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
सरकारी राशन की कालाबाजारी के आरोप
मामले को लेकर बीजेपी समर्थित नगर पंचायत उपाध्यक्ष कमल सिंह चौहान ने नगर परिषद प्रतिनिधि प्रदीप माहेश्वरी पर सरकारी राशन की कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सरकारी राशन को इधर से उधर करने का यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मंडी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
बताया जा रहा है कि सरकारी गेहूं से भरा यह ट्रक एक दिन पहले से ही मंडी परिसर में खड़ा था। ऐसे में मंडी अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई और सरकारी गेहूं की बोरियों को एक ट्रक से दूसरे ट्रक में कैसे पलटा जा रहा था, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने जब्त गेहूं का पंचनामा तैयार कर ट्रक और पूरे माल को पुलिस के हवाले कर दिया है। अब सिरोंज और शमशाबाद में पकड़े गए सरकारी गेहूं के बीच किसी कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही साफ होगा कि सरकारी राशन यहां तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे पूरा नेटवर्क क्या है।

