AC सर्विसिंग के बहाने लूट की साजिश का खुलासा: सगा भाई निकला मास्टरमाइंड, वारदात के बाद ‘नायक नहीं खलनायक हूं मैं’ गाने पर किया डांस

ग्वालियर। ग्वालियर जिले के डबरा में सामने आए चर्चित लूटकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। जिस घटना को दिनदहाड़े हुई बड़ी लूट माना जा रहा था, वह दरअसल परिवार के ही लोगों द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश निकली। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फरियादी महिला का सगा भाई ही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड निकला। वारदात के बाद आरोपी का फिल्मी गाने “नायक नहीं खलनायक हूं मैं” पर डांस करते हुए वीडियो भी सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

मामला 4 जून का है, जब डबरा सिटी थाना क्षेत्र की रहने वाली मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी भाभी पिंकी घर पर अकेली थीं। इसी दौरान दो युवक AC सर्विसिंग के बहाने घर में घुसे, मारपीट की और अलमारी से ढाई लाख रुपये नकद तथा लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कहानी का असली चेहरा सामने आने लगा। पुलिस को पता चला कि यह कोई वास्तविक लूट नहीं थी, बल्कि घर के ही लोगों द्वारा रची गई साजिश थी।

पुलिस के मुताबिक फरियादी महिला का भाई शुभम श्रीवास्तव और उसकी पत्नी पिंकी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। दोनों पिछले कुछ महीनों से मोनिका के घर में रह रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर घर में रखी नकदी और कीमती जेवरों पर पड़ी और उन्होंने उन्हें हड़पने की योजना बना ली।

योजना के तहत शुभम ने अपने दोस्तों सोनू कौशिक और आसिफ खान को साथ मिलाया। घटना वाले दिन पिंकी ने खुद घर का दरवाजा खोला ताकि दोनों आरोपी आसानी से अंदर प्रवेश कर सकें। इसके बाद घर में तोड़फोड़ की गई, अलमारी तोड़ी गई और पिंकी को मामूली चोट पहुंचाकर पूरी घटना को असली लूट जैसा दिखाने की कोशिश की गई। वारदात के बाद नकदी और जेवर अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिए गए ताकि किसी को शक न हो।

पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया। आरोपियों की निशानदेही पर 2 लाख 50 हजार रुपये नकद, करीब 252 ग्राम सोने के जेवर, लगभग 1.9 किलो चांदी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 49 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है।

इस मामले का सबसे भावनात्मक पहलू यह रहा कि जिस भाई पर फरियादी महिला को सबसे अधिक भरोसा था, उसी ने विश्वासघात कर पूरे परिवार को धोखा दिया। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लगभग पूरा माल बरामद हो गया और साजिश में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए।

डबरा का यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि कई बार अपराध की कहानी घर की चारदीवारी के भीतर ही तैयार होती है। लेकिन पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने 24 घंटे के भीतर इस फर्जी लूटकांड का पर्दाफाश कर दिया। अब पूरे इलाके में उस भाई की चर्चा है, जो कभी परिवार का भरोसेमंद सदस्य था, लेकिन लालच के चलते अपने ही रिश्तों का खलनायक बन बैठा।

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