भोपाल। भोपाल में प्रस्तावित हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह की धर्मसभा को लेकर विवाद गहरा गया है। जिला प्रशासन ने 31 मई को होने वाले इस कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद अब यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। प्रशासन के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के मुताबिक तेलंगाना के विधायक और भाजपा के पूर्व नेता टी राजा सिंह की धर्मसभा 31 मई को भोपाल में आयोजित की जानी थी। लेकिन जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए कार्यक्रम को अनुमति देने से मना कर दिया।
प्रशासन का कहना है कि सभा में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, जिससे सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी गई।
वहीं इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म और गौमाता के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन जब गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग से जुड़ी धर्मसभा की बात आई तो उसे अनुमति नहीं मिल सकी। कांग्रेस ने इसे भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताया है।
दूसरी ओर सभा आयोजित कराने के लिए अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। जबलपुर निवासी अतुल जसवानी ने इस संबंध में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि भोपाल पुलिस को दो बार आवेदन देने के बावजूद कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
अब सभी की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है। देखना होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और 31 मई को प्रस्तावित धर्मसभा को लेकर आगे क्या निर्णय सामने आता है।

