भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में टी राजा की प्रस्तावित धर्म सभा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बाद अब हिंदू संगठनों ने बड़ा फैसला लिया है। संगठनों का कहना है कि यदि अदालत से सभा की अनुमति नहीं मिलती है, तब भी कार्यक्रम रद्द नहीं होगा, बल्कि इसे डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जाएगा।
गौरतलब है कि भोपाल के गांधी नगर क्षेत्र में टी राजा की धर्म सभा प्रस्तावित थी, जिसमें वह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने वाले थे। हालांकि प्रशासन ने ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद आयोजकों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने प्रशासन के फैसले को अदालत में चुनौती दी है और उन्हें न्यायालय से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
इसी बीच एक दर्जन से अधिक हिंदू संगठनों की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि सभा की अनुमति नहीं मिलती है तो डिजिटल धर्म सभा आयोजित की जाएगी। इसके तहत भोपाल के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी LED स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से टी राजा का संबोधन लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
योजना के अनुसार शहर के प्रमुख चौराहों, मैदानों, बाजारों, शॉपिंग मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर LED स्क्रीन लगाकर धर्म सभा का प्रसारण किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि इस तरह पूरे भोपाल में एक साथ लोगों तक संदेश पहुंचाया जाएगा।
बैठक के बाद हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हिंदुओं की आवाज को किसी भी परिस्थिति में दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कुछ वर्गों के दबाव और आपत्तियों के कारण निर्णय लेने से पीछे हट रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, धर्म सभा हर हाल में आयोजित की जाएगी और टी राजा मुख्य वक्ता के रूप में लोगों को संबोधित करेंगे।
फिलहाल इस पूरे मामले पर सभी की नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि धर्म सभा को लेकर चल रहा यह विवाद आने वाले दिनों में कौन सा नया मोड़ लेता है।

