भोपाल पुलिस में अफसरों की कमी से बढ़ी चिंता! ट्रैफिक, इंटेलिजेंस और जोन-1 में स्थायी डीसीपी नहीं, कमिश्नर ने मांगे नए अधिकारी

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर के तीन अहम पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिससे कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट और संवेदनशील मामलों की निगरानी प्रभावित होने लगी है।

जानकारी के मुताबिक भोपाल में डीसीपी ट्रैफिक, डीसीपी इंटेलिजेंस-सिक्योरिटी और डीसीपी जोन-1 के पद फिलहाल खाली हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने डीजीपी कैलाश मकवाणा को पत्र लिखकर तीन आईपीएस अफसरों की मांग की है।

फिलहाल अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है। डीसीपी जोन-1 का पद 25 नवंबर 2025 से खाली है और इसका जिम्मा डीसीपी क्राइम अखिल पटेल संभाल रहे हैं। वहीं डीसीपी ट्रैफिक जितेंद्र सिंह पवार के 30 अप्रैल को रिटायर होने के बाद यह पद भी खाली हो गया। इसके अलावा सोनाक्षी सक्सेना के सीहोर एसपी बनने के बाद डीसीपी इंटेलिजेंस-सिक्योरिटी का पद भी रिक्त है।

बताया जा रहा है कि इन पदों के खाली होने से राजधानी में कई अहम काम प्रभावित हो रहे हैं। खासतौर पर जोन-1 को भोपाल का सबसे संवेदनशील इलाका माना जाता है। पुराने भोपाल के संवेदनशील क्षेत्रों के साथ मंत्रालय, विधानसभा, राजभवन, पुलिस मुख्यालय और अरेरा हिल्स जैसे बड़े सरकारी दफ्तर इसी जोन में आते हैं।

इस जोन में कुल 9 थाने शामिल हैं, जिनमें कमला नगर, जहांगीराबाद, ऐशबाग, स्टेशन बजरिया और अशोका गार्डन जैसे इलाके संवेदनशील श्रेणी में आते हैं। यहां अक्सर वीआईपी मूवमेंट, प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी की जरूरत पड़ती है।

बताया गया है कि रातीबड़ थाना क्षेत्र में राज्य न्यायिक अकादमी भी आती है। डीसीपी न होने से धारा 110 और 122 जैसे मामलों की सुनवाई भी प्रभावित हो रही है।

मामले पर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द इन पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

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