ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंदिरों की जमीन को लेकर नया विवाद सामने आया है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के बड़ी संख्या में पुजारी अपने परिवारों के साथ झांसी रोड स्थित हनुमान टेकरी मंदिर पर सत्याग्रह पर बैठ गए हैं। पुजारियों का कहना है कि सरकार की नई व्यवस्था से मंदिरों के पारंपरिक प्रबंधन और अधिकारों पर असर पड़ सकता है।
पुजारियों के अनुसार, मंदिरों की कृषि भूमि का संचालन और देखरेख लंबे समय से स्थानीय परंपराओं और मंदिर समितियों के माध्यम से होती रही है। उनका मानना है कि नई व्यवस्था से इस व्यवस्था में बदलाव आएगा, जिसे लेकर वे अपनी चिंता जता रहे हैं।
वहीं प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य मंदिरों की आय को व्यवस्थित करना और मंदिरों के विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। प्रशासन के मुताबिक, जिन मंदिरों के पास निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि है, वहां भूमि के पट्टे की प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी में की जाएगी और उससे प्राप्त राशि मंदिरों के विकास, रखरखाव और जीर्णोद्धार पर खर्च की जाएगी।
आंदोलन कर रहे पुजारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और इस व्यवस्था को लेकर उनसे संवाद किया जाए। दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी लगातार आंदोलनकारियों से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए हनुमान टेकरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। फिलहाल पुजारी अपनी मांगों पर कायम हैं और सत्याग्रह जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बातचीत के जरिए कोई समाधान निकलता है या यह विवाद आगे और बढ़ता है।

