भोपाल। मध्य प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ऊर्जा विभाग ने बिजली वितरण कंपनियों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस फैसले से प्रदेशभर के करीब 6 हजार संविदा कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, ऊर्जा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के लगभग 10 हजार पद लंबे समय से रिक्त हैं। विभाग अब इन्हीं खाली पदों पर चरणबद्ध तरीके से संविदा कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति करेगा। इससे न केवल कर्मचारियों को स्थायी रोजगार मिलेगा, बल्कि बिजली वितरण कंपनियों में कर्मचारियों की कमी भी काफी हद तक दूर हो सकेगी।
नियमितीकरण के लिए विभाग 100 अंकों की एक विभागीय परीक्षा आयोजित करेगा। इस परीक्षा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 40 अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा, जबकि सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को कम से कम 50 अंक हासिल करने होंगे।
इसके अलावा, कर्मचारियों के अनुभव को भी महत्व दिया जाएगा। विभागीय परीक्षा में निर्धारित अर्हता अंक प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को उनके कार्य अनुभव के आधार पर अधिकतम 30 बोनस अंक दिए जाएंगे। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिल सकेगा।
ऊर्जा विभाग ने बिजली वितरण कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द विभागीय परीक्षा की रूपरेखा तैयार करें और नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। इस घोषणा के बाद प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है, जो लंबे समय से स्थायी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग इस प्रक्रिया को कितनी तेजी से पूरा करता है और कब तक हजारों संविदा कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति का लाभ मिल पाता है।

