भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार अब भर्ती प्रक्रिया का पूरा पैटर्न बदलने जा रही है। नए नियम लागू होने के बाद अब किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी पाने से पहले उम्मीदवारों को पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।
जानकारी के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने भर्ती नियमों में बड़े बदलाव का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस ड्राफ्ट पर सरकार ने 5 जून तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद अंतिम नियम जारी किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि नए नियमों को 1 अक्टूबर 2026 से लागू करने की तैयारी चल रही है।
नए सिस्टम के तहत कर्मचारी चयन मंडल यानी ESB हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा। इसमें सामान्य पात्रता परीक्षा, तकनीकी पात्रता परीक्षा और शिक्षक पात्रता परीक्षा शामिल होगी। इन परीक्षाओं में तय न्यूनतम अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को स्कोर कार्ड दिया जाएगा।
इसके बाद जब किसी विभाग में भर्ती निकलेगी, तब सिर्फ वही उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे जिनके पास वैध स्कोर कार्ड होगा। यानी अब हर भर्ती के लिए अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नए नियमों के अनुसार सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के बाद अगले दो साल 31 दिसंबर तक वैध रहेगा। यानी उम्मीदवार लगभग ढाई साल तक उसी स्कोर कार्ड के जरिए अलग-अलग विभागों की नौकरियों में आवेदन कर सकेंगे। वहीं शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर पात्र माने जाएंगे, हालांकि आवेदन के लिए स्कोर कार्ड की वैधता सीमित समय तक ही रहेगी।
सरकार का दावा है कि इस नए सिस्टम से भर्ती प्रक्रिया तेज होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। अभी किसी भी भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक एक से दो साल का समय लग जाता है, जबकि प्रदेश में हर साल औसतन 30 से 40 हजार सरकारी पदों पर भर्तियां होती हैं। सबसे ज्यादा रिक्तियां शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में बताई जा रही हैं।
इस फैसले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे युवाओं को भ्रमित करने और रोजगार से दूर रखने की नीति बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने कहा कि पहले व्यापमं का नाम बदला गया और अब भर्ती का पैटर्न बदला जा रहा है, लेकिन युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा।
वहीं भाजपा ने नए सिस्टम का बचाव करते हुए कहा कि इससे सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और बढ़ेगी। भाजपा प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियां होती थीं, जबकि भाजपा सरकार लगातार सिस्टम को अपडेट कर रही है और अब पात्रता परीक्षा के जरिए भर्ती प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाएगा।

