भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा के चर्चित जहरीली शराब कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य सूत्रधार और अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा को बरायठा के जंगलों से एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, भागने की कोशिश के दौरान हुई जवाबी कार्रवाई में रवि लखेरा के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 35 से ज्यादा मौतें होने की बात सामने आई है, हालांकि 16 से अधिक मौतों की आधिकारिक पुष्टि बताई गई है। इस पूरे मामले के पीछे रवि लखेरा को मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, रवि लखेरा मूल रूप से छतरपुर जिले के महोबा का रहने वाला है और हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के ललितपुर की गंगापुरम कॉलोनी में रह रहा था। वह कथित तौर पर अंतरराज्यीय स्तर पर शराब तस्करी से जुड़ा रहा है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जहरीली शराब कांड का आरोपी रवि लखेरा बरायठा क्षेत्र के जंगलों में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने हनुमान टोंग मंदिर के आसपास के इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, घेराबंदी देखकर आरोपी ने पुलिस दल पर हमला किया और मौके से भागने की कोशिश की। इसके बाद आत्मरक्षा और आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से रवि लखेरा घायल हो गया। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया और इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचाया।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ में जहरीली शराब के इस अवैध कारोबार से जुड़े दूसरे लोगों, सप्लाई नेटवर्क और सहयोगियों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस के मुताबिक, रवि लखेरा वर्ष 2025 में सागर के बहेरिया थाना क्षेत्र में आबकारी एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में फरार चल रहा था। इसके अलावा कुछ महीने पहले ललितपुर पुलिस ने भी उसे कथित अवैध शराब फैक्ट्री के साथ गिरफ्तार किया था।
फिलहाल सागर पुलिस के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ना है। अब पूछताछ के बाद यह साफ होगा कि जहरीली शराब की सप्लाई कहां से होती थी, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरे नेटवर्क का असली दायरा कितना बड़ा है।

