छतरपुर। मध्य प्रदेश में केन-बेतवा लिंक परियोजना और उससे जुड़े कथित मुद्दों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। परियोजना से जुड़े प्रभावितों और आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते चिता आंदोलन दसवें दिन भी जारी रहा।
आंदोलन के दौरान मिट्टी सत्याग्रह, जल सत्याग्रह और सांकेतिक फांसी जैसे प्रतीकात्मक कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। वहीं, परियोजना प्रभावितों को न्याय दिलाने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अमित भटनागर का आमरण अनशन भी सातवें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबे समय से अनशन पर बैठे लोगों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है।
दूसरी ओर प्रशासन ने आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए दावा किया था कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोग आंदोलन स्थल पर मौजूद नहीं हैं। हालांकि, आंदोलनकारियों ने इस दावे को खारिज किया है।
अमित भटनागर ने आंदोलन स्थल से बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं के साथ एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि परियोजना प्रभावित लगातार आंदोलन में शामिल हैं और उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि ग्राम सभा और आम सभा की प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया तथा मुआवजे का निर्धारण मनमाने तरीके से किया गया। उनका कहना है कि कई प्रभावित परिवारों को मकानों का उचित मुआवजा और पुनर्वास पैकेज का पूरा लाभ नहीं मिला है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों का दावा है कि परियोजना के कारण बड़ी संख्या में लोगों के सामने विस्थापन, आजीविका और पुनर्वास की चुनौती खड़ी हुई है। फिलहाल आंदोलन जारी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं।

