भोपाल। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। एक तरफ केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने केस को पूरी तरह अपने हाथ में लेने से पहले प्रारंभिक इंस्पेक्शन शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मीडिया और दोनों पक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस केस को सनसनीखेज तरीके से पेश न किया जाए।
जानकारी के मुताबिक CBI की टीम ने जबलपुर पहुंचकर पूरे मामले की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी है। किसी भी हाई प्रोफाइल केस को आधिकारिक तौर पर टेक ओवर करने से पहले CBI विस्तृत इंस्पेक्शन करती है और इसी प्रक्रिया के तहत टीम ने सुबह से देर रात तक कई अहम बिंदुओं पर जांच की।
सूत्रों के अनुसार CBI अधिकारियों ने ट्विशा शर्मा के पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘लिंगेचर’ यानी फंदे के निशानों से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज न होने को लेकर तत्कालीन जांच अधिकारी से तीखे सवाल किए। इसके अलावा शुरुआती जांच से जुड़े कई पुलिसकर्मियों से भी लंबी पूछताछ की गई है। माना जा रहा है कि इंस्पेक्शन रिपोर्ट के बाद CBI जल्द ही इस पूरे केस को औपचारिक रूप से अपने हाथ में ले सकती है।
इधर इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी हुई। देश के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने मामले को बेहद संवेदनशील और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को केस ट्रांसफर की प्रक्रिया सुचारू तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को भी सख्त हिदायत दी कि मामले को सनसनीखेज बनाकर पेश करने से बचा जाए। कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी ठहराने या बिना पुष्टि के दावे करने से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अब पूरे देश की नजर इस हाई प्रोफाइल केस की आगामी जांच और CBI की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

