इंदौर के बड़े अस्पतालों पर हाईकोर्ट सख्त! बिना फायर सेफ्टी चल रहे हॉस्पिटल्स को नोटिस, कोर्ट बोला- ‘ये जनता की जान का सवाल है’

इंदौर। इंदौर शहर के बड़े अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है। जिन अस्पतालों पर लोगों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी है, वहीं कई अस्पताल खुद सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करते हुए बिना फायर सेफ्टी अनुमति के संचालित हो रहे हैं। इस गंभीर मामले को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए शासन और अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता चर्चित शास्त्री की ओर से अधिवक्ता अदित रघुवंशी ने कोर्ट को बताया कि शहर के कई बड़े अस्पताल—मयूर, इंदौर सिटी, लक्ष्मी मेमोरियल, सेवाकुंज, शुभदीप, आरएन कपूर, प्रमिला, एसएनएस और मेडिस्टा—बिना वैध फायर सेफ्टी अनुमति के संचालित हो रहे हैं। यानी जिन जगहों पर मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं, वहां खुद सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम अधूरे हैं।

कोर्ट में यह भी बताया गया कि हाल ही में ओडिशा के कटक स्थित एक अस्पताल में आग लगने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद इंदौर में भी अस्पतालों की जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर ने जांच की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपी थी, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। वहीं नगर निगम की फायर सेफ्टी शाखा से आरटीआई के जरिए मिली जानकारी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। खुलासा हुआ कि कम से कम 9 अस्पताल ऐसे हैं जिनके पास फायर सेफ्टी की अनुमति ही नहीं है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर बिना फायर सेफ्टी के ये अस्पताल चल कैसे रहे हैं? और अगर इनके पास सुरक्षा अनुमति नहीं थी, तो इन्हें रजिस्ट्रेशन किस आधार पर दिया गया?

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने साफ कहा कि यह मामला सीधे जनता की जान से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने शासन और अस्पताल संचालकों से जवाब तलब करते हुए जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इस पूरे खुलासे के बाद इंदौर के हेल्थ सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्या इलाज के नाम पर मरीजों की जिंदगी खतरे में डाली जा रही है? अब सबकी नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां शासन और अस्पताल प्रबंधन को कोर्ट के सामने जवाब देना होगा।

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