भोपाल। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी की एक विवादित टिप्पणी को लेकर मध्यप्रदेश में सियासी और सामाजिक विवाद तेज हो गया है। ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी के विरोध में अब सवर्ण संगठनों ने खुला मोर्चा खोल दिया है। मध्यप्रदेश सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन ने राजकुमार भाटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए प्रदेश के कई जिलों में पुलिस और प्रशासन को आवेदन सौंपे हैं।
संगठन ने पन्ना, छतरपुर, सतना और दमोह जिले के एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। इसके अलावा सागर आईजी और संभागायुक्त को भी शिकायत भेजी गई है। संगठन का आरोप है कि राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण समाज की तुलना वेश्या से कर समाज की भावनाओं को आहत किया है और यह टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि इस तरह की टिप्पणी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि अगर तय समय में एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
दरअसल यह विवाद उस बयान के बाद शुरू हुआ जिसमें राजकुमार भाटी ने कहा था — “ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय… और कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय।” इस बयान के सामने आने के बाद ब्राह्मण और सवर्ण समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।

