इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर आयोजित बैठक में जमकर बहस देखने को मिली। इस बैठक में अलग-अलग वर्गों और समाज के लोगों ने अपनी राय रखी, लेकिन मुस्लिम समाज की ओर से यूसीसी का खुलकर विरोध किया गया। इसी दौरान इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने चार शादी और ज्यादा बच्चों को लेकर बड़ा बयान दे दिया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
बैठक के दौरान मुस्लिम समाज की ओर से एक व्यक्ति ने कहा कि समान नागरिक संहिता इस्लाम धर्म के खिलाफ है। उनका कहना था कि मुस्लिम समाज शरीयत और कुरान के अनुसार चलता है और उसमें महिलाओं तथा लड़कियों के अधिकार अलग तरीके से तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
मुस्लिम समाज की इस आपत्ति पर इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जवाब देते हुए कहा कि देश संविधान से चलता है और सभी नागरिकों पर एक समान कानून लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में किसी को भी चार शादी करने और 24 बच्चे पैदा करने की अनुमति नहीं दी गई है। कोई भी व्यक्ति अपना अलग कानून लागू नहीं कर सकता।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि देश में हर व्यक्ति को समान अधिकार मिलने चाहिए और सभी को संविधान के दायरे में रहकर ही कानून का पालन करना होगा। उन्होंने अपने तर्क संविधान में दिए गए प्रावधानों और कानून की धाराओं के आधार पर रखे।
बता दें कि इंदौर के जाल सभागृह में समान नागरिक संहिता के अध्ययन और परीक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।

