लखनऊ.उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में जल्द बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि सपा के भीतर हलचल मची हुई है और कई बड़े नेता भाजपा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
ओमप्रकाश राजभर ने अपने बयान में कहा कि खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट मामले को लेकर जांच का दायरा बढ़ रहा है और इसी वजह से समाजवादी पार्टी बेचैन दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन मामलों के पीछे कौन लोग थे, यह उत्तर प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है। राजभर ने दावा किया कि सिर्फ कुछ नेता नहीं, बल्कि पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में जाने के लिए तैयार बैठी है।
राजभर के इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए पलटवार करते हुए कहा कि साल 2017 से पहले ऐसे लोगों को कोई जानता तक नहीं था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बयान देते रहते हैं।
वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने भी ओमप्रकाश राजभर के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में किसी तरह की टूट का कोई सवाल ही नहीं है। रामगोपाल यादव ने राजभर के बयान को गंभीरता से लेने से इनकार करते हुए कहा कि वे ऐसी बातों पर कोई ध्यान नहीं देते और जो लोग ऐसे दावे कर रहे हैं, उन्हें अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए।
इस बीच ओमप्रकाश राजभर ने एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि गोमती रिवर फ्रंट मामले में अखिलेश यादव का नाम भी सामने आता है। हालांकि समाजवादी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाज़ी करार दिया है।
सपा प्रवक्ता सुनील साजन ने भी राजभर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक समय ओमप्रकाश राजभर भाजपा और उसके नेताओं के खिलाफ लगातार बयान देते थे, लेकिन अब उनका रुख पूरी तरह बदल गया है। साजन ने दावा किया कि पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग इस बार भाजपा को हराने का मन बना चुके हैं और आने वाले चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
फिलहाल राजभर के दावे और सपा नेताओं के पलटवार ने उत्तर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। चुनावी माहौल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

