कांग्रेस का सरकार पर बड़ा हमला, मुकेश नायक के आरोपों से गरमाई सियासत

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश नायक ने राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रशासनिक तबादलों में कथित भ्रष्टाचार, धार्मिक परियोजनाओं में कमीशनखोरी और वेयरहाउसिंग व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

तबादलों में ‘रेट कार्ड’ का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुकेश नायक ने दावा किया कि प्रदेश में तबादलों का पूरा सिस्टम पैसों के आधार पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारियों से यह संकेत मिल रहा है कि अलग-अलग विभागों में ट्रांसफर के लिए तय रकम ली जा रही है। उनके मुताबिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, वन और राजस्व विभागों में बड़ी संख्या में तबादले हुए हैं, जिन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

‘पैसे भी लेते हैं, काम भी नहीं होता’

मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि कई कर्मचारियों को यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि ट्रांसफर रुकवाना है या मनचाही जगह पर पोस्टिंग चाहिए तो संपर्क करें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह ऐसी व्यवस्था बन गई है जहां लोगों से पैसे तो लिए जाते हैं, लेकिन काम की कोई गारंटी नहीं होती।

धार्मिक परियोजनाओं में अनियमितताओं का दावा

कांग्रेस नेता ने ओरछा और उज्जैन समेत प्रदेश की धार्मिक परियोजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में वास्तविक लागत से कई गुना अधिक खर्च दिखाया गया है। मुकेश नायक ने दावा किया कि धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों में बड़े स्तर पर कमीशनखोरी हुई है और इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।

वेयरहाउस निरीक्षण पर उठाए सवाल

वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा किए गए निरीक्षण को लेकर भी कांग्रेस ने नाराजगी जताई। मुकेश नायक ने कहा कि इस कार्रवाई को राजनीतिक दृष्टि से देखा जा रहा है। उनका आरोप है कि प्रदेश में वेयरहाउसिंग व्यवस्था में कई तरह की विसंगतियां मौजूद हैं, जिन पर सरकार जवाब देने से बच रही है।

विपक्ष के साथ भेदभाव का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुकेश नायक ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष से जुड़े लोगों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों को विशेष सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए और यदि किसी तरह की शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

सीबीआई जांच की मांग

कांग्रेस ने पूरे मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रशासनिक तबादलों, धार्मिक परियोजनाओं और वेयरहाउसिंग से जुड़े आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए। वहीं इन आरोपों को लेकर अब प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

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