भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार सक्रिय होता जा रहा है। बीते 24 घंटों के भीतर शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ऑनलाइन ठगी के तीन बड़े मामले सामने आए हैं। आरोप है कि साइबर ठगों ने पीड़ितों के मोबाइल फोन को रिमोट एक्सेस के जरिए हैक कर उनके बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से कुल 8 लाख 91 हजार रुपये की ठगी कर ली। इन मामलों में कोहेफिजा और मिसरोद थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला कोहेफिजा थाना क्षेत्र के खानूगांव का है। पीड़ित सलमान अंसारी के मुताबिक 21 से 23 मई के बीच उनका मोबाइल बार-बार अपने आप अपडेट होता रहा। उन्होंने इसे सामान्य सॉफ्टवेयर अपडेट समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन जब 23 मई को उन्होंने अपना बैंक खाता चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से 2 लाख 96 हजार रुपये गायब हो चुके हैं। आरोप है कि साइबर ठगों ने मोबाइल हैक कर इस वारदात को अंजाम दिया।
दूसरी घटना भी कोहेफिजा थाना क्षेत्र के लालघाटी की है। पीड़ित आर्चय चक्रवर्ती दोपहर में घर पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। करीब डेढ़ घंटे बाद जब उन्होंने फोन देखा तो मोबाइल से कई एप्लीकेशन डिलीट हो चुकी थीं और उनका गूगल अकाउंट भी लॉगआउट मिला। इसी दौरान ठगों ने उनके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से कुल 2 लाख 14 हजार रुपये निकाल लिए।
तीसरा मामला मिसरोद थाना क्षेत्र का है। निखिल चौहान ने अपने पिता के इलाज से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर देखा था। वीडियो में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताया और अपॉइंटमेंट तथा रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक लिंक भेजा। जैसे ही निखिल ने उस लिंक पर अपनी जानकारी दर्ज की, उनका मोबाइल कथित तौर पर हैक हो गया। तीन दिन बाद उनके बैंक खाते से 3 लाख 79 हजार 692 रुपये पांच अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
इन तीनों मामलों के सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, मोबाइल में आने वाले संदिग्ध अपडेट या रिमोट एक्सेस की अनुमति देने से बचें और सोशल मीडिया पर मिले किसी भी नंबर या लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

