ग्वालियर। ग्वालियर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उन पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर अधीक्षक पद हासिल करने का आरोप लगा है। मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने थाना कंपू पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला सचिन यादव द्वारा दायर एक परिवाद से जुड़ा हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2019 में अधीक्षक पद पर नियुक्ति के दौरान डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता ने दिल्ली स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पटपड़गंज के दो अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे।
शिकायतकर्ता का दावा है कि गजरा राजा मेडिकल कॉलेज द्वारा कराए गए सत्यापन में मैक्स अस्पताल ने लिखित रूप से स्पष्ट किया कि डॉ. गुप्ता वहां कभी कार्यरत नहीं रहे और उनके नाम से कोई अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था।
इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिस अवधि का अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया, उस दौरान डॉ. गुप्ता एक शासकीय संस्थान में सेवाएं दे रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस संबंध में पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा।
उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने माना कि यदि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शासकीय पद प्राप्त किया गया है, तो यह एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। इसी के आधार पर न्यायालय ने थाना कंपू पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत जांच करने के आदेश दिए हैं।
फिलहाल, मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि दस्तावेजों की पड़ताल में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।

