खंडवा। मध्य प्रदेश में खाद संकट और गेहूं-मूंग की खरीदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। खंडवा के केवलराम चौराहे पर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब किसान कांग्रेस के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के विरोध में कृषि मंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
जानकारी के मुताबिक, किसान कांग्रेस के कार्यकर्ता खाद की कमी और फसल खरीदी में आ रही परेशानियों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान कृषि मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला जलाने की कोशिश की गई, जिसे रोकने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हस्तक्षेप किया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने फायर ब्रिगेड की मदद ली और प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें छोड़ीं। इसके बाद प्रदर्शन और भी उग्र हो गया। कार्यकर्ता भीगते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है और गेहूं व मूंग की खरीदी में भी कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि किसान लगातार परेशान हो रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोनू गुर्जर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में किसान घुटनों के बल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम के बाद खंडवा की राजनीति गरमा गई है। एक ओर विपक्ष सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगा रहा है, तो वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है।
अब देखना होगा कि किसानों की मांगों को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है और यह विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ता है।

