मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग का शिकंजा, दो दिन में 500 किलो से ज्यादा संदिग्ध घी जब्त

इटारसी। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। नर्मदापुरम जिले में खाद्य विभाग की टीम ने लगातार दूसरे दिन कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी जब्त किया है। दो दिनों में 500 किलो से ज्यादा घी जब्त किया जा चुका है, जबकि अलग-अलग ब्रांड के घी के सैंपल जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

ताजा कार्रवाई इटारसी के बाजार क्षेत्र की आठवीं लाइन में स्थित गोविंदा स्टोर पर की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने यहां पहुंचकर अनुज और मधुसूदन ब्रांड के घी के सैंपल लिए। टीम ने इटारसी के अलग-अलग प्रतिष्ठानों से 160 किलो से ज्यादा घी भी जब्त किया है। अधिकारियों के मुताबिक जब्त किए गए घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह है और अब इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नर्मदापुरम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश दियावर के मुताबिक दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नर्मदापुरम स्थित शिवम इंटरप्राइज का भी औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान संदिग्ध घी और श्री कृष्णा घी के कुल पांच सैंपल जांच के लिए लिए गए। संदेह के आधार पर करीब 160 किलो घी को जब्त कर लिया गया।

इसके साथ ही इटारसी के गोविंदा स्टोर से भी अनुज और मधुसूदन घी के सैंपल लिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों और आगामी त्योहारों को देखते हुए की जा रही है, ताकि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

खाद्य विभाग ने बताया कि इससे एक दिन पहले भी जिले के अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें करीब 360 किलो घी जब्त किया गया था। इस तरह दो दिनों में जब्त किए गए संदिग्ध घी की मात्रा 500 किलो से ज्यादा हो गई है।

फिलहाल सभी सैंपल राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यदि रिपोर्ट में घी या किसी अन्य खाद्य पदार्थ में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने साफ किया है कि त्योहारों को देखते हुए मिलावट के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाएगी।

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