मध्य प्रदेश के कटनी जिले से जुड़े चर्चित ऑनलाइन गेमिंग और करीब 12 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की जांच में पक्षपात और प्रभावशाली लोगों को बचाने के आरोपों पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक यानी DGP को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
चार्जशीट से पहले मुख्य संदिग्धों से पूछताछ नहीं होने पर सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि करीब 12 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल की जांच के दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए थे, लेकिन पुलिस की जांच में उन्हें जानबूझकर बाहर रखा गया।
कोर्ट के सामने यह भी दावा किया गया कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले कटनी कंप्यूटर के मालिक समेत कई प्रमुख संदिग्धों से जरूरी पूछताछ तक नहीं की गई। इसी आधार पर पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए गए।
योगेश बजाज समेत अन्य पर दर्ज है मामला
ऑनलाइन गेमिंग और कथित सट्टेबाजी से जुड़े इस मामले में योगेश बजाज समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि पूरे मामले में करीब 12 करोड़ रुपये के लेनदेन का मनी ट्रेल सामने आया, जिसकी जांच को लेकर अब अदालत ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
DGP करेंगे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित
जांच में कथित लापरवाही और प्रभावशाली लोगों को बचाने के आरोपों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश के DGP को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच हो और अगर जांच में कोई लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाए।
अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और 12 करोड़ रुपये के कथित मनी ट्रेल में सामने आए नामों को लेकर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

