सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के हर्रहवा यानी सिद्धिखुर्द क्षेत्र में रिलायंस सासन पावर लिमिटेड के राखड़ बांध के टूटने और ओवरफ्लो होने से बड़ा हादसा सामने आया है। बताया जा रहा है कि बांध से करीब 5,760 टन फ्लाई ऐश का मलबा आसपास के खेतों और रिहायशी इलाकों में फैल गया। जहरीली राख की चपेट में आने से किसानों की फसलें और संपत्तियां प्रभावित हुई हैं। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।
कलेक्टर ने जारी किया शो-कॉज नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर की ओर से सासन पावर लिमिटेड प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कंपनी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही संयंत्र के संचालन की सम्मति निरस्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की बात कही गई है।
फसल और संपत्ति के नुकसान की भरपाई की तैयारी
हादसे में प्रभावित किसानों की फसल और संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि प्रभावित फसलों और संपत्तियों के नुकसान की भरपाई कंपनी से कराई जाएगी।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि राखड़ बांध की कमजोर स्थिति और प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण बार-बार खतरा पैदा हो रहा है। लगातार ओवरफ्लो की स्थिति ने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
2020 में भी ढह चुका है सासन का राखड़ बांध
सासन पावर प्रोजेक्ट के राखड़ बांध को लेकर पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। 10 अप्रैल 2020 को राखड़ बांध के अचानक ढहने से जहरीला मलबा आसपास के इलाकों में फैल गया था। उस हादसे में छह लोगों की मौत हुई थी और कई मकान तथा सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई थी।
इससे पहले 2019 में भी राखड़ बांध में लीकेज और ओवरफ्लो की शिकायतें सामने आई थीं। अब एक बार फिर हुए हादसे ने राखड़ बांध की सुरक्षा और कंपनी की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन ने कंपनी से जवाब तलब कर लिया है और अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों और कंपनी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

