इंदौर। मध्य प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल बैंड भर्ती को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भर्ती के इंटरव्यू रिजल्ट जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने के मापदंड और पूरी चयन प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, अभ्यर्थी निलेश सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के शुरुआती दोनों चरण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें तीसरे चरण यानी इंटरव्यू के लिए बुलावा नहीं भेजा गया।
याचिका में भर्ती विज्ञापन में दिए गए नियमों का हवाला देते हुए चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। सबसे बड़ा विवाद इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों की संख्या को लेकर है।
3 गुना उम्मीदवार बुलाने थे या 2 गुना?
याचिकाकर्ता का दावा है कि भर्ती विज्ञापन के अनुसार कुल पदों की संख्या के मुकाबले तीन गुना अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था। लेकिन चयन प्रक्रिया में कथित तौर पर केवल दो गुना उम्मीदवारों को ही इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया गया।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि अगर नियमों के मुताबिक तीन गुना अभ्यर्थियों को बुलाया जाता, तो कई और योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सकता था।
सरकार ने आरोपों का किया विरोध
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध किया गया। सरकार ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार ही पूरी की गई है।
हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल इंटरव्यू रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है।
एक सप्ताह में सरकार को देना होगा जवाब
कोर्ट ने राज्य सरकार को उम्मीदवारों के चयन और इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों को बुलाने की पूरी प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। यानी फिलहाल पुलिस कॉन्स्टेबल बैंड भर्ती के इंटरव्यू रिजल्ट का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। कोर्ट के अगले आदेश के बाद ही रिजल्ट जारी होने की स्थिति साफ होगी।

