सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी-नाले और रपटे उफान पर हैं। प्रशासन लगातार लोगों से जलभराव वाले रास्तों, पुल-पुलियों और अंडरब्रिज से गुजरने से बचने की अपील कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद चालकों की लापरवाही के दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां यात्रियों की जान मुश्किल में पड़ गई।
पहली घटना सभापुर थाना क्षेत्र के बड़ेरा-करौंदी मार्ग की है। बुधवार शाम करीब 5 बजे बिरसिंहपुर से उत्तर प्रदेश जा रही एक बोलेरो जब बड़ेरा छोर पर पहुंची, तो बरसाती नाला तेज बहाव के साथ उफान पर था।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने चालक को आगे जाने से रोकने की कोशिश की और खतरे के बारे में समझाया, लेकिन आरोप है कि चालक ने उनकी बात नहीं मानी और बोलेरो को तेज बहाव वाले नाले में उतार दिया।
दूसरे छोर के पास पहुंचते ही जर्जर रपटे में बोलेरो का पहिया फंस गया और तेज बहाव के बीच वाहन पलटने लगा। इसके बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से बोलेरो को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
दूसरी घटना जैतवारा रेलवे अंडरब्रिज की है, जहां कोठी से बिरसिंहपुर जा रही गैबीनाथ ट्रैवल्स की बस जलभराव के बीच फंस गई।
बताया जा रहा है कि अंडरब्रिज में कमर से ऊपर तक पानी भरा हुआ था, इसके बावजूद बस चालक ने वाहन को पानी में उतार दिया। कुछ दूर जाने के बाद बस का इंजन बंद हो गया और बस पानी के बीच फंस गई।
बस में करीब 18 से 20 यात्री सवार थे। इंजन बंद होते ही यात्रियों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जैतवारा नगर परिषद के सीएमओ और थाना प्रभारी अजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बस में फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। पानी का स्तर कम होने के बाद बस को भी अंडरब्रिज से बाहर निकाला गया।
इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब रास्ते पर पानी का बहाव इतना तेज हो और प्रशासन पहले ही चेतावनी जारी कर चुका हो, तो आखिर चालक अपनी और यात्रियों की जिंदगी खतरे में डालकर ऐसे रास्तों पर वाहन क्यों उतार देते हैं?
सतना में हुए इन दोनों मामलों में गनीमत रही कि ग्रामीणों और प्रशासन की तत्परता से सभी यात्री सुरक्षित बच गए, लेकिन थोड़ी सी और लापरवाही इन घटनाओं को बड़े हादसे में बदल सकती थी।

