मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। कहीं कच्चे मकान बारिश का दबाव नहीं झेल पा रहे हैं, तो कहीं नाले और तालाब उफान पर हैं। मऊगंज और पन्ना से सामने आई तस्वीरें बारिश से पैदा हुए हालात की गंभीरता बयां कर रही हैं।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के सेनुआ गांव में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। पिछले करीब 72 घंटे से जारी बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त मकान के अंदर मौजूद 70 वर्षीय सरोज तिवारी मलबे में दब गईं।
परिजन और स्थानीय लोगों ने किसी तरह मलबा हटाकर वृद्धा को बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी लेकर पहुंचे। लेकिन इलाज के दौरान शाम करीब 6 बजे उनकी मौत हो गई।
डॉक्टर आरके पाठक के मुताबिक वृद्धा के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई थीं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से घटना की सूचना पुलिस को दी गई। नईगढ़ी थाना पुलिस के मुताबिक मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लगातार बारिश ने ग्रामीण इलाकों में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की चिंता भी बढ़ा दी है। सेनुआ की घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि बारिश के इस दौर में ऐसे मकानों में रह रहे लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तैयारियां कितनी पर्याप्त हैं।
वहीं पन्ना में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर से लेकर गांवों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में नाले का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है।
आशीष लॉज और राजा बाबू कॉलोनी के दर्जनों घरों में पानी घुसने से लोगों को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा। कलेक्ट्रेट के पास ऐतिहासिक महाराज सागर तालाब की बाउंड्री वॉल भी ढह गई, जिसके बाद पानी मुख्य सड़क पर पहुंच गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया।
वहीं प्रसिद्ध मानस स्थली लक्ष्मीपुर मंदिर के प्रांगण और निवास में भी दो से तीन फीट तक पानी भर गया। पानी घुसने से घर-गृहस्थी का सामान खराब होने की बात सामने आई है।
ग्रामीण इलाकों में भी हालात चिंताजनक हैं। तिलकवा गांव में दर्जनों घर जलमग्न हो गए हैं और लोग बाल्टियों और पंप की मदद से घरों से पानी निकालने में जुटे हैं। यूनियन बैंक के पीछे समेत कई इलाकों की सड़कें पानी से लबालब हैं, जिसके कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
लगातार बारिश के चलते प्रशासन अलर्ट मोड पर है और प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं। मौसम विभाग की ओर से भी फिलहाल तत्काल राहत की संभावना नहीं जताई गई है।
मऊगंज में बारिश ने एक परिवार से बुजुर्ग महिला की जिंदगी छीन ली, तो पन्ना में बाढ़ के पानी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चिंता उन परिवारों की सुरक्षा को लेकर है, जो कच्चे मकानों और जलभराव वाले इलाकों में रहने को मजबूर हैं।

