महाकाल भस्म आरती के नाम पर 30 हजार की ठगी! फर्जी VIP पास थमाया, उज्जैन पहुंचने से पहले ट्रैवल एजेंट गायब

उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी का मामला सामने आया है। मेरठ के 12 श्रद्धालुओं को भस्म आरती में शामिल कराने का झांसा देकर साइबर ठगों ने उनसे 30 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद उन्हें फर्जी VIP भस्म आरती पास की पीडीएफ भेज दी गई।

ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित श्रद्धालुओं ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। अब साइबर टीम लेनदेन और डिजिटल सुरागों के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है।

मेरठ के पल्लवपुरम निवासी रतन शर्मा के मुताबिक, वह अपने परिवार और परिचितों के 12 लोगों के साथ बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन आने वाले थे। इसके लिए उन्होंने गूगल और सोशल मीडिया पर ट्रैवल एजेंसियों के विज्ञापन देखे और उसमें दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।

फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने भस्म आरती कराने के नाम पर प्रति व्यक्ति 2500 रुपये मांगे। श्रद्धालुओं ने उसकी बात पर भरोसा किया और UPI के जरिए 15-15 हजार रुपये की दो किश्तों में कुल 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

पैसे मिलने के बाद कथित ट्रैवल एजेंट ने व्हाट्सएप पर श्रद्धालुओं को ‘VIP भस्म आरती पास’ की एक PDF फाइल भेज दी। शुरुआत में श्रद्धालुओं को लगा कि उनकी बुकिंग हो चुकी है, लेकिन पास को ध्यान से देखने के बाद उन्हें शक हुआ।

दरअसल, पास पर ऑनलाइन पेमेंट के सामने 30 हजार रुपये की रकम लिखी हुई थी। श्रद्धालुओं ने जब एजेंट से पूछा कि सरकारी भस्म आरती पास पर पैसे का जिक्र क्यों किया गया है, तो उसने कथित तौर पर मंदिर समिति में अपनी सीधी सेटिंग होने की बात कही।

आरोप है कि एजेंट ने श्रद्धालुओं को यह कहकर भरोसे में लिया कि किस यात्री से कितने पैसे लिए गए हैं, इसका हिसाब रखने के लिए पास पर रकम लिखी गई है। श्रद्धालुओं ने उसकी इस बात पर भरोसा कर लिया।

लेकिन उज्जैन रवाना होने से एक-दो दिन पहले जब श्रद्धालुओं ने व्यवस्था की पुष्टि करने के लिए एजेंट को फोन किया, तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद जब श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे और मंदिर परिसर में पास और एजेंसी के बारे में जानकारी ली, तो उन्हें पता चला कि पूरा मामला फर्जी है।

इसके बाद रतन शर्मा ने मेरठ साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। अब साइबर टीम UPI लेनदेन की जानकारी, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट्स के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

यह मामला एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए चेतावनी है कि महाकाल भस्म आरती या किसी भी धार्मिक आयोजन की बुकिंग के नाम पर सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापनों से मिलने वाले अनजान नंबरों पर भुगतान करने से पहले पूरी तरह सत्यापन जरूर करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *