छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के छत्रसाल नगर में PUBG और ऑनलाइन गेम्स के नशे में डूबे 19 वर्षीय युवक ने मां की एक मामूली डांट के बाद ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। गुस्से में युवक ने घर में रखी हेयर डाई पी ली और देखते ही देखते उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने समय रहते इलाज शुरू कर उसकी जान बचा ली, हालांकि उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
परिजनों के मुताबिक युवक पिछले कई महीनों से मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स का आदी हो चुका था। उसका ज्यादातर समय मोबाइल स्क्रीन के सामने ही गुजरता था। धीरे-धीरे उसने पढ़ाई से दूरी बना ली, दोस्तों से मिलना-जुलना बंद कर दिया और दिनचर्या भी पूरी तरह बदल गई। परिवार जब भी उसे गेमिंग कम करने या पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह देता, तो वह चिड़चिड़ा हो जाता और नाराजगी दिखाने लगता था।
घटना वाली रात भी कुछ ऐसा ही हुआ। मां ने बेटे को लगातार मोबाइल पर गेम खेलते देखा और प्यार से समझाते हुए कहा कि थोड़ा पढ़ाई पर भी ध्यान दो। लेकिन यह बात युवक को इतनी बुरी लगी कि उसने आवेश में आकर घर में रखी हेयर डाई पी ली। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह तड़पने लगा। घबराए परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी।
अस्पताल के बाहर युवक के बड़े भाई ने बेहद भावुक अपील करते हुए कहा कि मोबाइल और गेमिंग की लत बच्चों को मानसिक रूप से कमजोर बना रही है। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि बच्चों को डांटने के बजाय उनके दोस्त बनें, उनसे बातचीत करें और प्यार से उन्हें इस लत से बाहर निकालने की कोशिश करें। परिवार का कहना है कि आज उनका बेटा बच गया, लेकिन ऐसी घटनाएं भविष्य में किसी और परिवार को न झेलनी पड़ें, इसके लिए समाज को जागरूक होने की जरूरत है।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि उन हजारों घरों के लिए चेतावनी है जहां मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग धीरे-धीरे बच्चों की जिंदगी पर हावी होती जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हम समय रहते इस बढ़ती लत को पहचान पाएंगे, या फिर ऐसे मामले लगातार सामने आते रहेंगे।

