भोपाल। राजधानी भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी RGPV को तीन हिस्सों में बांटने की तैयारी को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सरकार की ओर से मध्यभारत, मालवा और महाकौशल क्षेत्र में अलग-अलग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द कैबिनेट में लाया जा सकता है। लेकिन इस प्रस्ताव के सामने आते ही कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गई हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बीजेपी सरकार पर नाम बदलने की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के नाम पर बने विश्वविद्यालय का नाम बदलने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीसी शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने विश्वविद्यालय से राजीव गांधी का नाम हटाया तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन होगा और “ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।”
पीसी शर्मा ने कहा कि बीजेपी सरकार लगातार ऐतिहासिक संस्थानों और योजनाओं के नाम बदलकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी।
वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। बीजेपी प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा कि सरकार तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने और छात्रों की सुविधा के लिए समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि समय की जरूरत के हिसाब से फैसले लिए जाएंगे और इसमें राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
बीजेपी नेता रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक सिर्फ एक ही परिवार के नाम पर योजनाएं और संस्थान चलाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे महापुरुषों को भी भुला दिया था।
अब RGPV को तीन हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह मुद्दा पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ कांग्रेस इसे नाम बदलने की साजिश बता रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे शिक्षा सुधार का बड़ा कदम बता रही है। ऐसे में अब सबकी नजर सरकार के अगले फैसले और संभावित कैबिनेट मंजूरी पर टिकी हुई है।

