इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में इन दिनों पानी की भारी किल्लत लोगों की बड़ी परेशानी बन गई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग कई किलोमीटर दूर जाकर पानी भरने को मजबूर हैं और पीने के पानी के लिए महंगा पेट्रोल तक खर्च कर रहे हैं। पानी बचाने के लिए कई लोग सरकारी शौचालयों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि घर का पानी कम खर्च हो सके। इस वजह से नौकरीपेशा लोगों को रोज ऑफिस पहुंचने में भी देर हो रही है।
यह पूरा मामला इंदौर के वार्ड क्रमांक 26 और नेहरू नगर से जुड़े रहवासी इलाकों का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में पानी की समस्या विकराल रूप ले लेती है, लेकिन इस बार हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं। सुबह से ही लोग पानी के लिए लंबी लाइनों में खड़े नजर आते हैं। कई परिवारों को पहले पानी भरना पड़ता है, उसके बाद ही वे अपने काम या नौकरी के लिए निकल पाते हैं।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं और पूरे दिन पानी की जरूरत पड़ती है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण कई जरूरी काम छोड़ने पड़ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि दिनभर सिर्फ पानी का इंतजाम करने में ही समय निकल जाता है। कई परिवार घर में पानी की बचत करने के लिए सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि पीने और घरेलू कामों के लिए पानी बचाया जा सके।
इधर पानी की समस्या को लेकर शहर की राजनीति भी गर्मा गई है। भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस लगातार नगर निगम पर पानी आपूर्ति को लेकर सवाल उठा रही है और प्रदर्शन कर रही है। वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इलाके में नई पानी की टंकी बनवाने का आश्वासन दिया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में परेशान रहवासी भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के घर भी अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे।

