10 विभागों को खत, बच्चों की पढ़ाई से लेकर जमीनों तक जांच, लोकायुक्त के शिकंजे में निलंबित ARO जितेंद्र पांडेय

इंदौर। ग्वालियर नगर निगम के निलंबित सहायक राजस्व अधिकारी यानी ARO जितेंद्र पांडेय की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कर रही लोकायुक्त टीम ने अब उनकी संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की गहन जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में उनके बैंक लॉकर फ्रीज किए गए हैं और परिवार की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।

परिवार की विदेश यात्राओं से बच्चों की पढ़ाई तक जांच

लोकायुक्त पुलिस आरोपी अधिकारी की आय और खर्च के बीच अंतर का पता लगाने में जुटी है। इसके लिए उनके परिवार की विदेश यात्राओं पर हुए खर्च से लेकर बच्चों की पढ़ाई पर खर्च की गई रकम तक का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। साथ ही कृषि भूमि और दूसरी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

10 विभागों से मांगा गया रिकॉर्ड

जांच को आगे बढ़ाते हुए लोकायुक्त टीम ने करीब 10 अलग-अलग विभागों को पत्र भेजकर जितेंद्र पांडेय और उनके परिजनों से जुड़ी जानकारी मांगी है। आयकर विभाग से टैक्स रिटर्न और आय से संबंधित रिकॉर्ड मांगा गया है, जबकि RTO से परिवार के सदस्यों के नाम पर पंजीकृत वाहनों की जानकारी मांगी गई है।

इसके अलावा परिवार की बीमा पॉलिसियों और दूसरी वित्तीय गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। लोकायुक्त की नजर इस बात पर है कि अधिकारी की घोषित आय और उनकी संपत्तियों व खर्च के बीच कितना अंतर है।

बैंक लॉकर और जमीनों पर भी नजर

जांच के दौरान जितेंद्र पांडेय के बैंक लॉकर फ्रीज किए गए हैं। वहीं कृषि भूमि सहित अन्य संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अधिकारी और उनके परिवार के पास कुल कितनी संपत्ति है और वह संपत्ति उनकी ज्ञात आय के अनुपात में है या नहीं।

फिलहाल लोकायुक्त की जांच कई विभागों से मिलने वाले रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में इन जांच रिपोर्टों से जितेंद्र पांडेय की संपत्तियों और आय से जुड़े मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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