भोपाल/दुबई। दुबई में चल रहे AIM Congress-2026 से मध्यप्रदेश के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 सितंबर को कांग्रेस के तीसरे दिन जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन और फाउंडर सनी वर्की से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की एजुकेशन पॉलिसी और प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने सनी वर्की को बताया कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों और अभिभावकों का स्कूल शिक्षा की ओर रुझान बढ़ा है। प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में कई तरह के नवाचार किए जा रहे हैं। बैठक में सांदीपनि स्कूलों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सनी वर्की को अगले साल होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट यानी GIS-2027 में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
बैठक में मध्यप्रदेश में जेम्स एजुकेशन के संभावित निवेश को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। कंपनी प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ-साथ विकासशील शहरों में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रुचि दिखा रही है। खास तौर पर इंदौर और भोपाल में स्कूल खोलने की संभावनाओं पर चर्चा हुई है।
इन स्कूलों में सिर्फ पारंपरिक पढ़ाई पर ही फोकस नहीं होगा, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए स्किल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कंपनी स्थानीय जरूरतों और भविष्य की लर्निंग आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नेशनल और इंटरनेशनल करिकुलम लागू करने की योजना पर काम कर सकती है।
इसके साथ ही स्कूलों में टीचर ट्रेनिंग और स्कूल लीडरशिप डेवलपमेंट पर भी जोर दिया जाएगा। टेक्नोलॉजी से लैस क्लासरूम के साथ STEM, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में फ्यूचर-रेडी प्रोग्राम तैयार किए जाएंगे। यानी मकसद विद्यार्थियों को सिर्फ डिग्री के लिए नहीं, बल्कि आने वाले समय की नौकरियों और तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करना होगा।
बैठक में जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की ने मुख्यमंत्री को कंपनी के कामकाज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी दुनिया के बड़े निजी K-12 एजुकेशन प्रोवाइडर्स में शामिल है और कई देशों में अलग-अलग करिकुलम वाले स्कूलों का नेटवर्क संचालित करती है। कंपनी का फोकस क्वालिटी एजुकेशन, टीचर डेवलपमेंट और एजुकेशनल इनोवेशन पर है।
सनी वर्की के मुताबिक जेम्स एजुकेशन की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी और इसका मुख्यालय दुबई में है। कंपनी मिडिल ईस्ट, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में एजुकेशन सेक्टर में काम कर रही है।
ऐसे में अगर मध्यप्रदेश में जेम्स एजुकेशन के प्रस्तावित स्कूल स्थापित होते हैं, तो प्रदेश के विद्यार्थियों को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की शिक्षा, आधुनिक तकनीक और नई स्किल्स सीखने के अवसर मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कंपनी के चेयरमैन सनी वर्की से GIS-2027 में शामिल होने का आग्रह भी किया है। अब देखना होगा कि AIM Congress-2026 में हुई यह चर्चा मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में कितने बड़े निवेश और कितने नए स्कूलों का रास्ता खोलती है।

