भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। झारखंड में आयोजित एक कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच भाजपा नेता कमलेश सोनकर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
दरअसल, वायरल वीडियो में एक मौलाना द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और कई लोग इसे हिंदू आस्था से जुड़ा विषय बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इस मामले में राजनीतिक दलों की चुप्पी पर भी सवाल उठा रहे हैं।
भाजपा नेता कमलेश सोनकर ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और ऐसे में इस तरह के बयानों पर राजनीतिक दलों को अपनी राय स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि समाजवादी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में यादव समाज स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण के वंश से जोड़कर देखता है, ऐसे में इस पूरे विवाद पर उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया को लेकर भी चर्चा हो रही है। कमलेश सोनकर ने अखिलेश यादव से इस मुद्दे पर खुलकर सामने आने और अपनी बात रखने की अपील की है।
वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से इस विषय पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आने वाले दिनों में सपा नेतृत्व इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देगा या फिर चुप्पी बनाए रखेगा।
बहरहाल, भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए इस विवादित बयान ने एक बार फिर धर्म और राजनीति के रिश्ते पर बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में राजनीतिक दल किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं और यह मुद्दा आगे क्या मोड़ लेता है।

