भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा अब नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। मानसून सत्र के साथ ही विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब सदन की कार्यवाही पेपरलेस होगी और विधायक टैबलेट के जरिए विधानसभा से जुड़ी हर जानकारी हासिल कर सकेंगे।
विधानसभा में ‘ई-विधान’ व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत सभी विधायकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें दैनिक कार्यसूची, प्रश्न, उत्तर और अन्य जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में मौजूद रहेंगे। अब विधायक ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी अपने सवाल दर्ज करा सकेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि ‘ई-विधान’ नाम से एक विशेष पोर्टल तैयार किया गया है, जिसमें विधायकों की संपूर्ण जानकारी और सदन से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इस पहल से न केवल कागज की खपत कम होगी, बल्कि मध्य प्रदेश डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में भी नई मिसाल पेश करेगा।
इधर, विधानसभा के सेंट्रल हॉल में भी एक ऐसा बदलाव हुआ है, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर को एक बार फिर सेंट्रल हॉल में स्थान दिया गया है। खास बात यह है कि उनकी तस्वीर के ठीक पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीर लगी हुई है।
बता दें कि कुछ वर्ष पहले नेहरू की तस्वीर हटाकर वहां डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाई गई थी, जिसको लेकर काफी विवाद और राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। अब विधानसभा के सेंट्रल हॉल में पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीरें एक साथ दिखाई दे रही हैं। इसे राजनीतिक संतुलन और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
वहीं, विधानसभा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बदलाव देखने को मिला है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने सरकारी काफिले में इलेक्ट्रिक व्हीकल को शामिल कर लिया है। अब वे भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तरह कई मौकों पर इलेक्ट्रिक गाड़ी से सफर करते नजर आएंगे।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश विधानसभा अब सिर्फ राजनीतिक बहस का मंच नहीं, बल्कि डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल बदलावों का भी प्रतीक बनती दिखाई दे रही है। अब देखना होगा कि पेपरलेस सदन और नई व्यवस्थाएं आने वाले समय में कितनी प्रभावी साबित होती हैं।

