नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। करीब 7 साल के लंबे इंतजार और 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया रेलवे ओवरब्रिज महज 6 महीने पहले ही जनता के लिए शुरू हुआ था, लेकिन अब इसकी हालत देखकर हर कोई हैरान है। ब्रिज की सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं और कई हिस्सों में लोहे के सरिये तक बाहर निकल आए हैं। ऐसे में इस ब्रिज से गुजरने वाले लोगों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है।
यह रेलवे ओवरब्रिज गाडरवारा को NTPC और कोल माइंस जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजनाओं से जोड़ता है। नीचे से भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण बड़ी संख्या में लोग इसी ओवरब्रिज के जरिए आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने कम समय में ब्रिज की ऐसी हालत होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ा सवाल अब उन 18 करोड़ रुपये को लेकर उठ रहा है, जिनकी लागत से यह ब्रिज तैयार किया गया। स्थानीय लोगों का सवाल है कि अगर करोड़ों रुपये खर्च करके बना ब्रिज सिर्फ छह महीने में ही जर्जर होने लगा, तो इसके निर्माण की गुणवत्ता की जिम्मेदारी आखिर किसकी है और ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
मामले को लेकर नरसिंहपुर कलेक्टर ने कहा है कि पहले भी ब्रिज में कुछ कमियां सामने आई थीं और उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए थे। अब मीडिया के जरिए मामला दोबारा सामने आने के बाद अधिकारियों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल इस पूरे मामले ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होती है।

