पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद खुशखबरी सामने आई है। एक बार फिर पन्ना के प्रसिद्ध प्रजनन स्थल धूंधुआ सेहा में बाघों की किलकारी गूंज उठी है। यहां बाघिन P-652 ने दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है, जिससे पूरे वन विभाग में खुशी का माहौल है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी उम्र करीब 10 दिन के आसपास बताई जा रही है। बाघिन अपने शावकों की प्राकृतिक वातावरण में देखभाल कर रही है, जबकि वन विभाग की विशेष टीम दूर से लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की परेशानी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
धूंधुआ सेहा वही ऐतिहासिक स्थान है, जिसने साल 2010 में पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसी स्थान पर बाघिन T-1 ने अपने पहले चार शावकों को जन्म दिया था और वहीं से पन्ना टाइगर रिजर्व का बाघ पुनर्स्थापन अभियान एक बड़ी सफलता की मिसाल बना था।
अब एक बार फिर इसी धूंधुआ सेहा में दो नए शावकों का जन्म पन्ना टाइगर रिजर्व के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वन विभाग का कहना है कि दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर हर जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
लगातार बढ़ती बाघों की संख्या यह साबित कर रही है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में संरक्षण और प्रबंधन के प्रयास सफल हो रहे हैं। यह नई खुशखबरी न सिर्फ वन विभाग बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है।

