भोपाल। मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपने ऊपर लगे फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आरोपों पर क्लीन चिट मिलने के बाद एक अनोखे अंदाज में जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर तीन अलग-अलग गिलासों के जरिए अपनी बात लोगों तक पहुंचाई और कहा कि सिर्फ बाहरी रूप देखकर सच्चाई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
वीडियो में मंत्री प्रतिमा बागरी ने चाय, कॉफी और ग्रीन टी का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी पेय पदार्थ को अलग-अलग गिलासों में रख दिया जाए, तो दूर से देखकर उसकी असली पहचान करना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा, “ग्लास बदलने से शराब नहीं बनती।” उनका कहना था कि उनके काम और व्यक्तित्व को भी इसी तरह गलत तरीके से पेश किया गया।
मंत्री ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों ने न तो उनकी सोच बदली है और न ही जनता के लिए काम करने का उनका तरीका। उन्होंने दावा किया कि सच्चाई सामने आने के बाद अब लोगों को भी समझ आ गया है कि आरोप और वास्तविकता में कितना अंतर होता है।
प्रतिमा बागरी ने उन आरोपों का भी खंडन किया, जिनमें उन पर ब्राह्मण और ठाकुर समाज को लेकर छुआछूत से जुड़े बयान देने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जो बातें कही जा रही हैं, वे अंग्रेजों के शासनकाल के इतिहास से जुड़ी थीं, जब समाज में कई तरह की कुरीतियां मौजूद थीं।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता होने के नाते उन्होंने कभी छुआछूत को न स्वीकार किया है और न ही उसे बढ़ावा दिया है। आज समाज में सभी वर्गों के लोग एक-दूसरे के घर जाते हैं, साथ बैठकर भोजन करते हैं और सौहार्द के साथ जीवन जी रहे हैं।
मंत्री प्रतिमा बागरी का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके इस अनोखे प्रैक्टिकल को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वहीं, जाति प्रमाण पत्र विवाद में क्लीन चिट मिलने के बाद उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपने काम और विचारों के साथ आगे बढ़ती रहेंगी।

