भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और सामाजिक समरसता के लिए हम सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।
मंगलवार को बोर्ड ऑफिस स्थित अम्बेडकर चौराहे पर बाबा साहेब की 136वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने बाबा साहेब के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय है। उन्होंने देश को एक ऐसा संविधान दिया, जिसने हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की और समानता पर आधारित समाज की नींव रखी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के साथ भारतीय संविधान की मूल उद्देशिका का वाचन किया और “डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहें” के नारों के साथ पूरे माहौल को श्रद्धा और सम्मान से भर दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब जीवनभर वंचितों, पीड़ितों, शोषितों और उपेक्षितों की आवाज बने रहे और उनके सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए लगातार संघर्ष करते रहे।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार बाबा साहेब के समरसता और समानता के विचारों को केंद्र में रखकर काम कर रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मंत्र के साथ उनके सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। देश सबसे पहले है और सामाजिक समरसता के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने बाबा साहेब के सम्मान में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। भोपाल में बने उड़ान पुल को उनका नाम दिया गया, महू में उनकी जन्मभूमि पर भव्य स्मारक का निर्माण कराया गया, कामधेनु योजना और आर्थिक कल्याण योजनाएं शुरू की गईं, सागर के अभ्यारण्य को उनका नाम दिया गया और अब ग्वालियर में भी डॉ. अम्बेडकर धाम बनाने की तैयारी चल रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए उनकी जन्मभूमि महू, शिक्षा भूमि लंदन, दीक्षा भूमि नागपुर, महापरिनिर्वाण भूमि दिल्ली और चैत्य भूमि मुंबई को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है, जो उनके संघर्ष और आदर्शों की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने महिला शिक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण प्रयास किए थे और आज देश उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक पहल हो रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना है।
उन्होंने कहा कि यह कदम देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय होगा, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करेगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे।

