इंदौर। इंदौर में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस का चक्का जाम आंदोलन अब नए विवाद में घिर गया है। किसानों के हक और अधिकार की लड़ाई का दावा करने वाले इस प्रदर्शन में लगाए गए पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
आगरा-बॉम्बे नेशनल हाईवे पर हुए इस आंदोलन के पोस्टर में बड़ी भीड़ दिखाई गई थी और उस पर किसानों के समर्थन का संदेश लिखा गया था, लेकिन लोगों की नजर जैसे ही तस्वीर पर गई, मामला चर्चा का विषय बन गया।
पोस्टर में दिखाई दे रही भीड़ के बीच कई लोगों के सिर पर Aam Aadmi Party की पहचान मानी जाने वाली टोपी और झाड़ू का निशान साफ नजर आने लगा, जिसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या कांग्रेस अपने आंदोलन को बड़ा दिखाने के लिए दूसरी पार्टी की तस्वीरों का इस्तेमाल कर रही है।
इस मुद्दे को लेकर विपक्ष कांग्रेस पर निशाना साध रहा है और इसे ‘फोटो पॉलिटिक्स’ बताया जा रहा है, वहीं आम लोगों के बीच भी यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।
पूरा विवाद उस समय और बढ़ गया जब जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कहा कि यह पोस्टर उनकी जानकारी में नहीं है और वे खुद इस मामले को दिखवाएंगे।
हालांकि जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़कर कांग्रेस नेता भाषण दे रहे थे, उसी पर यह पोस्टर लगा हुआ था, जिसके बाद अब राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
किसानों के मुद्दे पर सियासत पहले भी होती रही है, लेकिन इस पोस्टर विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

