नर्मदापुरम। एक तरफ सरकार देशभर में जल सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ कानून बनाने वाले जनप्रतिनिधियों की एक तस्वीर अब बड़े विवाद की वजह बन गई है। कश्मीर की खूबसूरत डल झील से सामने आए एक वीडियो ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। वीडियो में संसदीय समिति के सदस्य बिना लाइफ जैकेट पहने शिकारे की सैर करते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शहरी विकास संसदीय समिति के सदस्य इन दिनों श्रीनगर दौरे पर हैं, लेकिन उनके दौरे से ज्यादा चर्चा उनकी इस कथित लापरवाही की हो रही है। वायरल तस्वीरों और वीडियो में कई सांसद बिना लाइफ जैकेट के डल झील में बोटिंग करते नजर आए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर सवालों की बौछार शुरू हो गई।
इस पूरे मामले ने इसलिए भी ज्यादा तूल पकड़ लिया क्योंकि कुछ समय पहले ही मध्यप्रदेश के बरगी में क्रूज हादसे ने कई लोगों को झकझोर दिया था। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की यह तस्वीरें लोगों को हैरान कर रही हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और सांसदों पर निशाना साधते हुए पूछा है कि क्या सुरक्षा नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं? क्या VIP लोगों की जान को खतरा नहीं होता?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब सरकार खुद लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह देती है, तब जनप्रतिनिधियों को भी नियमों का पालन करते हुए उदाहरण पेश करना चाहिए। वहीं विवाद बढ़ने के बाद राज्यसभा सांसद माया नारोलिया की ओर से सफाई भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सभी के पास लाइफ जैकेट मौजूद थीं, लेकिन संभव है कि फोटो खिंचवाने के दौरान उन्हें उतारा गया हो। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए थे और नाव ओवरलोड नहीं थी।
हालांकि अब बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या सिर्फ एक तस्वीर या कुछ पलों की दिखावे वाली फोटो के लिए सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करना सही है? खासकर तब, जब देश की जनता जनप्रतिनिधियों को अपना रोल मॉडल मानती हो।

