भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी यानी PAC की अहम बैठक 11 अगस्त को होने जा रही है। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और ओंकार सिंह मरकाम समेत पार्टी के कई बड़े नेता शामिल होंगे। बैठक में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी के भीतर सक्रिय बताए जा रहे तथाकथित ‘स्लीपर सेल्स’ यानी भितरघातियों पर कार्रवाई को लेकर भी मंथन होने की बात कही जा रही है।
‘फूल छाप कांग्रेसियों’ पर कार्रवाई की तैयारी
बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव में जीत के बाद संगठन को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। पीसी शर्मा का दावा है कि कांग्रेस के पास ऐसे लोगों की सूची है, जो चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करते हैं और संगठन को नुकसान पहुंचाते हैं।
पीसी शर्मा ने कहा कि दतिया चुनाव के दौरान ऐसे स्लीपर सेल्स को हटाया गया था, जिसका फायदा पार्टी को मिला। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए ऐसे ‘फूल छाप कांग्रेसियों’ पर भी कार्रवाई की जरूरत है। 11 अगस्त की बैठक में संगठन को मजबूत करने और बीजेपी की कथित नाकामियों को जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
बीजेपी ने कांग्रेस की PAC पर साधा निशाना
कांग्रेस के इस कदम को लेकर बीजेपी ने भी तीखा हमला बोला है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी पर निशाना साधते हुए इसे गुटबाजी का केंद्र बताया। उनका आरोप है कि कांग्रेस में एक गुट दूसरे गुट के नेताओं को कमजोर करने के लिए उन्हें ‘स्लीपर सेल’ करार देता है।
आशीष अग्रवाल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को खुद ही नहीं पता कि उसके संगठन में असली स्लीपर सेल कौन हैं, क्योंकि वहां नेता एक-दूसरे को ही स्लीपर सेल मानते हैं।
11 अगस्त की बैठक पर टिकी नजरें
अब 11 अगस्त को होने वाली कांग्रेस की इस अहम बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या पार्टी संगठन के भीतर कथित भितरघातियों पर वास्तव में कार्रवाई करेगी या फिर ‘स्लीपर सेल’ का मुद्दा एक बार फिर कांग्रेस की अंदरूनी सियासत को हवा देगा।

