महाकाल की दूसरी सवारी के लिए पुलिस की खास तैयारी, रस्सा पार्टी से लेकर क्लीयरेंस टीम तक का रिहर्सल

उज्जैन। उज्जैन में भगवान महाकाल की आगामी दूसरी सवारी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़, मुख्य पालकी की सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए परेड ग्राउंड में पुलिस ने रस्सा पार्टी का विशेष व्यावहारिक अभ्यास किया।

इस रिहर्सल का मुख्य उद्देश्य सवारी के दौरान भगवान महाकाल की मुख्य पालकी को चारों तरफ से सुरक्षित घेरे में रखना और भीड़ को नियंत्रित करते हुए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को सुरक्षा घेरे में प्रवेश करने से रोकना था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आलोक शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में रस्सा पार्टी में तैनात पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सवारी के समय पैदा होने वाली संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाइव सिचुएशन तैयार की गई और पुलिस बल की कार्यक्षमता, आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखा गया।

रिहर्सल के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में श्रद्धालुओं की भीड़ के रूप में तैनात किया गया। इन पुलिसकर्मियों ने मुख्य रस्सा घेरे के भीतर प्रवेश करने का प्रयास किया, जबकि वर्दीधारी पुलिसकर्मियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें रोकते हुए पालकी के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाए रखने का अभ्यास किया।

इस दौरान भीड़ के अचानक बढ़ने, आगे बढ़ने वाले लोगों, सुरक्षा घेरे में अनधिकृत प्रवेश और पालकी के आसपास अत्यधिक भीड़ होने जैसी परिस्थितियों में पुलिस बल किस तरह समन्वय बनाकर काम करेगा, इसका भी व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्य रस्सा पार्टी के चारों तरफ बहुस्तरीय लेयरिंग का भी अभ्यास किया गया। मुख्य सुरक्षा घेरे के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखने की व्यवस्था की गई, ताकि किसी भी व्यक्ति को मुख्य रस्सा घेरे तक पहुंचने से पहले ही नियंत्रित किया जा सके। इस बाहरी लेयर में वॉलंटियर्स की भूमिका का भी अभ्यास किया गया।

इसके साथ ही पालकी के आगे क्लीयरेंस पार्टी की भूमिका को भी रिहर्सल में शामिल किया गया। पालकी के आगे, पीछे और दोनों तरफ तैनात पुलिसकर्मियों को उनके निर्धारित दायित्वों के अनुसार चलने, भीड़ को नियंत्रित करने और पूरे मार्ग को सुरक्षित एवं क्लियर रखने का अभ्यास कराया गया।

पुलिस ने यह भी अभ्यास किया कि किसी अप्रत्याशित स्थिति में किस तरह तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य पालकी को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जाए।

कुल मिलाकर महाकाल की दूसरी सवारी को लेकर पुलिस की तैयारियां सुरक्षा के हर स्तर को ध्यान में रखकर की जा रही हैं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच बाबा महाकाल की सवारी सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम तरीके से संपन्न हो सके।

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