इछावर/ सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में झूलते बिजली तारों और जर्जर विद्युत लाइनों से परेशान किसानों का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है। बिलकिसगंज विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले खेड़ली, क्लास खुर्द, भोजनगर, चंदेरी, बरखेड़ी, बिलकिसगंज, रामखेड़ी, डाबला समेत दर्जनों गांवों के किसानों ने मशाल जुलूस निकालकर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
किसानों का आरोप है कि गांवों से लेकर खेतों तक फैली 11 केवी और एलटी बिजली लाइनें लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। झूलते तारों और खराब व्यवस्था के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि कई बार ज्ञापन दिए गए, अधिकारियों को फोन पर जानकारी दी गई और बार-बार शिकायतें भी दर्ज कराई गईं, लेकिन हालात आज भी जस के तस हैं। उनका कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण कई किसान करंट की चपेट में आ चुके हैं, कुछ लोगों को गंभीर चोटें आईं, कई मवेशियों की मौत हो गई और बिजली लाइन में फॉल्ट के चलते खेतों में खड़ी फसलें आग लगने से जलकर राख हो गईं।
किसानों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी लगातार खबरें प्रकाशित और प्रसारित हुईं, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग के अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, प्रभारी मंत्री, जिला प्रशासन और भोपाल स्थित बिजली विभाग मुख्यालय तक कई बार शिकायतें भेजी गईं। उनका दावा है कि कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए, लेकिन स्थानीय अधिकारी अब तक उन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
किसानों ने मांग की है कि बिलकिसगंज विद्युत वितरण केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों और सीहोर के बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही झूलते बिजली तारों और जर्जर खंभों को तत्काल बदला जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के किसान शामिल हुए। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा आने वाले दिनों में अलग-अलग गांवों में लगातार धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

