दुबई में बजा एमपी का डंका! मिले 53 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव, CM मोहन बोले- वेलकम टू MP

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे के तीसरे दिन मध्यप्रदेश के लिए निवेश के लिहाज से बड़ी खबर सामने आई है। 8 सितंबर को दिनभर हुई बैठकों और निवेशकों के साथ चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश को 53 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सभी का मध्यप्रदेश में स्वागत है।

दुबई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक साझेदारी, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीक और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने अलग-अलग कंपनियों और उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं और मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

इन बैठकों में सबसे बड़ा प्रस्ताव राणा होल्डिंग्स की ओर से सामने आया। कंपनी ने मध्यप्रदेश में 2 हजार मेगावॉट के सोलर एनर्जी पोर्टफोलियो, 200 मेगावॉट के ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, एआई और कंप्यूट डेटा सेंटर, क्रिटिकल मिनरल्स रिकवरी एवं रीसाइक्लिंग कॉम्प्लेक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब जैसी परियोजनाओं में रुचि दिखाई है। इन परियोजनाओं में करीब 35 हजार 200 करोड़ रुपये यानी लगभग 4 बिलियन डॉलर के निवेश की संभावना बताई गई है।

इसके अलावा औद्योगिक स्तर के एआई कंप्यूट कैंपस और सॉवरेन एआई फैक्ट्री को लेकर भी चर्चा हुई। निवेशकों की ओर से 50 मेगावॉट क्षमता वाले एआई फैक्ट्री प्रोजेक्ट में करीब 1.5 से 2 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 18 हजार करोड़ रुपये के निवेश का कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किया गया है। इस परियोजना को भविष्य में 100 मेगावॉट से ज्यादा क्षमता तक बढ़ाया जा सकता है।

शिक्षा के क्षेत्र में जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल, शिक्षक प्रशिक्षण, एडटेक और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक शिक्षा परिसरों को लेकर चर्चा हुई। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन, मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत हुई।

लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में शराफ ग्रुप और डीपी वर्ल्ड के साथ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, सप्लाई चेन और निर्यात को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं खाद्य प्रसंस्करण, रिटेल, कृषि उत्पादों की खरीद और वितरण नेटवर्क को लेकर चोइथराम्स के साथ बातचीत हुई।

इसके अलावा डायमंड प्रोसेसिंग और जेम्स-ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग, फिल्म और डिजिटल कंटेंट, एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की। इसमें मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने शारजाह के निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री ने बीईईएएच की सस्टेनेबिलिटी सुविधाओं का भी अवलोकन किया और वेस्ट-टू-एनर्जी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सर्कुलर इकोनॉमी और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके साथ ही एमार ग्रुप के साथ इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर समेत एकीकृत शहरी विकास, टाउनशिप और हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश को लेकर बातचीत हुई।

दुबई में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” इंटरैक्टिव सेशन में यूएई के उद्योगपति, निवेशक, व्यापारिक संगठन और प्रवासी भारतीय उद्यमी शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता और सरकार की नीतियों को सामने रखा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज 11 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर के साथ देश के प्रमुख विकास इंजनों में शामिल है। उनके मुताबिक पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को 34 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 30 प्रतिशत से अधिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त लैंड बैंक, मजबूत सड़क और रेल नेटवर्क, 8 एक्टिव एयरपोर्ट, निवेश-अनुकूल नीतियां और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि, टेक्सटाइल, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए तैयार है।

दुबई दौरे के अंत में मुख्यमंत्री ने निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यानी GIS-2027 में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया और कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय है और निवेशकों का स्वागत भी हृदय से करेगा।

अब बड़ा सवाल यही है कि दुबई में मिले इन बड़े-बड़े निवेश प्रस्तावों में से कितनी परियोजनाएं वास्तव में जमीन पर उतरती हैं और इनसे मध्यप्रदेश में रोजगार और औद्योगिक विकास को कितना फायदा मिलता है।

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