सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम बालोड़िया में आयोजित एक शासकीय कार्यक्रम के दौरान मंच पर कुछ ऐसा हुआ कि पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। प्रदेश के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा और कलेक्टर बालागुरु के बीच हुई आत्मीय और मजेदार बातचीत ने कार्यक्रम का माहौल ही बदल दिया।
दरअसल, कार्यक्रम के दौरान माइक हाथ में लेकर राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा ने कलेक्टर की ओर इशारा करते हुए पद और जिंदगी को लेकर ऐसा फलसफा सुनाया, जिस पर मंच से लेकर पंडाल तक हर कोई मुस्कुराने लगा। मंत्री ने हंसते हुए कहा, ‘अरे यार, ना मेरी कोई गारंटी है, ना आपकी गारंटी है। आज आप कलेक्टर हो, कल नहीं रहोगे। आज मैं मंत्री हूं, कल नहीं रहूंगा।’
मंत्री करणसिंह वर्मा ने आगे कहा कि बाद में कोई किसी को याद नहीं रखता और न ही कोई पूछता है। इसलिए जब तक जिम्मेदारी मिली है, तब तक खुलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि काम करने में ही असली मजा है और जनता के हित में जो जिम्मेदारी मिली है, उसे खुशी-खुशी निभाना चाहिए।
मंत्री की इस बात पर मंच पर बैठे जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी हंसते नजर आए। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर बालागुरु की स्थानीय भाषा और बोली को लेकर भी मजेदार अंदाज में चुटकी ली। मंत्री ने कहा कि कलेक्टर साहब बड़े सीधे हैं। जब यहां आए थे तो स्थानीय भाषा नहीं जानते थे, लेकिन अब काफी सीख गए हैं। काम भी बढ़िया कर रहे हैं और बात भी समझ रहे हैं।
मंत्री के इस मजाकिया अंदाज पर कलेक्टर बालागुरु भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए और मंच पर ठहाके लगाते नजर आए। हालांकि हंसी-मजाक के बीच राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को जनहित को लेकर साफ संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जनता के काम में किसी तरह की सिफारिश या हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति का जायज काम है, तो उसे तत्काल और बिना परेशानी के पूरा किया जाना चाहिए।
ग्राम बालोड़िया का यह कार्यक्रम सिर्फ सरकारी योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा। मंत्री और कलेक्टर के बीच हुई इस सहज और आत्मीय बातचीत ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया। साथ ही मंत्री का यह संदेश भी चर्चा में रहा कि पद स्थायी नहीं होता, लेकिन पद पर रहते हुए जनता के लिए किए गए काम जरूर याद रखे जाते हैं।

