भोपाल। मध्य प्रदेश में प्याज के बढ़ते दाम ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जो प्याज कुछ समय पहले तक करीब 30 रुपये किलो के आसपास मिल रहा था, उसके दाम अब बढ़कर 55 से 60 रुपये प्रति किलो के पार पहुंचने की बात सामने आ रही है। ऐसे में रसोई के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।
प्याज के दाम बढ़ने का असर सिर्फ सब्जी तक सीमित नहीं है। सलाद से लेकर पोहा, समोसा और चाट तक में प्याज का इस्तेमाल करने वाले लोगों और कारोबारियों के लिए भी खर्च बढ़ गया है। कई लोग अब जरूरत के हिसाब से ही प्याज खरीद रहे हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, प्याज के पुराने स्टॉक में कमी आने के साथ नए स्टॉक की आवक भी पर्याप्त नहीं हो रही है। खास तौर पर महाराष्ट्र और कर्नाटक से प्याज की सप्लाई में कमी आने की बात कही जा रही है। सप्लाई घटने के साथ बाजार में प्याज के दाम तेजी से ऊपर गए हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीनों में प्याज की कीमतों में करीब 82 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, अलग-अलग मंडियों और बाजारों में कीमतों में अंतर हो सकता है।
प्याज की कीमत बढ़ने से घरेलू बजट के साथ होटल, रेस्टोरेंट और ठेले पर नाश्ता बेचने वाले कारोबारियों की लागत भी बढ़ रही है। पोहा, समोसा और चाट जैसे खाद्य पदार्थों में प्याज की मांग रहती है, ऐसे में कारोबारियों के सामने कीमत और गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बढ़ गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्याज की कीमतों में यह तेजी कितने दिन तक जारी रहती है और बाजार में नई आवक बढ़ने के बाद दाम कब नीचे आते हैं। फिलहाल बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट जरूर बिगाड़ दिया है।

