लखनऊ.उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। राजभर ने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी को यह लगता है कि वह धमकियों या दबाव में आकर चुप हो जाएंगे, तो यह उसकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि वह गरीबों, बहुजनों, आम नागरिकों और गैर-यादव पिछड़े वर्ग के हितों के लिए आवाज उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।
राजभर ने कई हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर इन मामलों पर सपा नेतृत्व की चुप्पी क्यों है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में हुई मारपीट, हत्या और हिंसा की घटनाओं ने कई परिवारों को प्रभावित किया है, लेकिन इन मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही दिखाई नहीं दी। राजभर ने दावा किया कि जिन घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनमें शामिल लोगों के बारे में सभी जानते हैं, फिर भी उन पर खुलकर कुछ नहीं कहा जा रहा।
अपने बयान में ओपी राजभर ने कहा कि वह किसी भी प्रकार के अत्याचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा है और उन्होंने आम लोगों की परेशानियों को करीब से देखा और महसूस किया है। यही कारण है कि वे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे।
राजभर ने यह भी कहा कि राजनीति केवल बयान देने या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जमीन पर लोगों के दुख-दर्द को समझना भी जरूरी है। उन्होंने अपने पुराने संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि मेहनत और संघर्ष की ताकत से ही वह यहां तक पहुंचे हैं और भविष्य में भी जनता के मुद्दों के लिए लड़ते रहेंगे।
फिलहाल ओपी राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ता है।

